घुसपैठ पर मोदी सरकार पर बरसे ओवैसी, बोले– दिखाइए सीमांचल का रास्ता
‘खेल अभी बाकी है’– पूर्णिया से ओवैसी ने गरमाया बिहार चुनावी माहौल
Purnia News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासत अपने चरम पर है। एनडीए और इंडिया गठबंधन जहां आमने-सामने दिख रहे हैं, वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी सीमांचल की राजनीति में जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को पूर्णिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रमुख व हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए चुनावी बिगुल फूंक दिया।
ओवैसी ने कहा कि सीमांचल को बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाकर बदनाम किया जाता है। उन्होंने सवाल दागा कि पिछले 12 सालों से केंद्र में एनडीए की सरकार है, बीएसएफ उन्हीं के पास है, फिर अब तक कितने घुसपैठियों को रोका गया? ओवैसी के मुताबिक, यह मुद्दा केवल सीमांचल की जनता को शक की नजर से देखने और उन्हें राजनीति में हाशिये पर धकेलने की कोशिश है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की राजनीति में अभी बहुत कुछ बाकी है। “खेल अभी बाकी है… AIMIM इस बार सीमांचल में अकेले चुनाव लड़ेगी,” ओवैसी ने साफ किया। उन्होंने यह भी कहा कि AIMIM सीमांचल की असली आवाज बनेगी और जनता की समस्याओं को सामने रखेगी।
हाल ही में बनी ‘लव मोहम्मद’ संस्था को लेकर उठे विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने कहा कि यदि ‘आई लव महादेव’ पर किसी को समस्या नहीं है, तो ‘लव मोहम्मद’ पर भी सवाल उठाना गलत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक नारे और संस्थाओं के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
जब उनसे पीएम मोदी के घुसपैठियों को भगाने वाले बयान पर सवाल किया गया तो ओवैसी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की पूर्व महिला प्रधानमंत्री भारत में हैं, उन्हें सीमांचल ले आइए, मैं दिखा दूंगा कि यहां से बांग्लादेश का रास्ता आखिर है कहां।”
ओवैसी के इस ऐलान से साफ है कि सीमांचल में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने वाला है। AIMIM का यह कदम न सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करेगा बल्कि पारंपरिक वोट बैंक समीकरणों को भी चुनौती देगा।

