Araia News:- लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ अररिया जिले में मनाया गया। सोमवार की संध्या को जिलेभर में डूबते हुए सूर्य (अस्ताचलगामी भगवान भास्कर) को छठव्रतियों ने अर्घ्य अर्पित किया।
मुख्य रूप से त्रिशूलिया घाट, एबीसी नहर, सुल्तान पोखर, डॉ. अलख निरंजन पोखर, भद्रेश्वर नहर और गोढ़ीहारे नहर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सूप में फल, फूल, नारियल, गन्ना और ठेकुआ लेकर जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर की आराधना करती दिखीं।
शहर का माहौल पूरी तरह छठमय रहा। हर ओर छठ के पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। घाटों पर बनी छठ समितियों द्वारा आकर्षक सजावट और भगवान भास्कर की प्रतिमाओं से श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
शाम होते-होते नहरों और तालाबों के दोनों किनारों पर दीपों की रोशनी और व्रतियों की भीड़ ने एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। हजारों की संख्या में लोगों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
छठ पर्व के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए। त्रिशूलिया घाट पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ टीम तैनात की गई थी। वहीं, सभी प्रमुख घाटों पर गोताखोर और पुलिस बल की मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही।
इसके अलावा महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए चेंजिंग रूम, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था और मजिस्ट्रेटों की निगरानी में पुलिस बलों की तैनाती की गई। अधिकारी खुद घाटों पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करते रहे।
छठ पर्व के इस तीसरे दिन अररिया का हर कोना भक्ति, संगीत और रोशनी से जगमगाता रहा, जबकि मंगलवार की सुबह व्रती उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन करेंगे।

