Jamshedpur News:- वरिष्ठ विधायक सरयू राय ने धनबाद प्रशासन के तीन अधिकारियों पर विधानसभा के विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो को पत्र लिखकर धनबाद के उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और बाघमारा अंचल अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरयू राय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि 28 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार की ओर से मंत्री ने आश्वासन दिया था कि दरिदा मौजा संख्या-120 की जमीन पर हुए अतिक्रमण को 8 सितंबर तक हटा दिया जाएगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट, महिला बल और सशस्त्र पुलिस की तैनाती की बात भी कही गई थी। मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि तय तिथि तक कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जाएगी।
राय ने आरोप लगाया कि समय सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद धनबाद प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो बल की तैनाती की गई और न ही दीवारबंदी कर कब्जे से मुक्त कराया गया। उन्होंने इसे प्रशासन की अतिक्रमणकारियों के साथ मिलीभगत और सदन को गुमराह करने की कोशिश बताया।
उन्होंने याद दिलाया कि इस विषय को उन्होंने पहले भी 2024 और 2025 के विधानसभा सत्रों में अल्पसूचित प्रश्नों के जरिए उठाया था। उस समय सरकार ने स्वीकार किया था कि दबंगों ने अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्ग की जमीन पर कब्जा कर लिया है और उस पर दीवार खड़ी कर दी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सरयू राय ने कहा कि धनबाद उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और बाघमारा अंचल अधिकारी ने सदन को दिए गए सरकारी आश्वासन की पूरी तरह अनदेखी की है। यह न केवल विधानसभा की अवमानना है, बल्कि सदस्य के विशेषाधिकार का भी हनन है। उन्होंने विधानसभाध्यक्ष से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में सदन की गरिमा और सरकारी आश्वासन की गंभीरता बनी रहे।
