Koderma News: नाबालिग किशोरी से कथित यौन शोषण के गंभीर आरोप में कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस ने शनिवार देर रात उन्हें उरवां स्थित एक फार्म हाउस से हिरासत में लिया था। कई घंटों तक पूछताछ और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। मामले के सामने आने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है।
इलाज के सिलसिले में संपर्क में आई थी किशोरी

मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में आरोप लगाने वाली आदिवासी किशोरी हजारीबाग जिले की रहने वाली बताई जा रही है। किशोरी इलाज के सिलसिले में सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के संपर्क में आई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसे अपने प्रभाव में लेकर उसका कथित यौन शोषण किया गया। जानकारी मिली है कि आरोपी सिवल सर्जन के द्वारा किशोरी का नामांकन एक आवासीय विद्यालय में कराया गया था। जहां से वह उसे लेकर कई बार अपने उरवां स्थित तथागत अस्पताल में लेकर गया था। पीड़िता ने बताया कि सबसे पहले वर्ष 2025 में उसके साथ तथागत हॉस्पीटल में गलत किया गया। साथ ही चुप रहने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।
महिला थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
मामले की जानकारी देते हुए एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि शनिवार को किशोरी ने चाइल्ड हेल्प लाईन 1098 पर शिकायत दर्ज करायी थी। जिसके बाद चाइल्ड हेल्प लाईन की टीम ने किशोरी का रेस्क्यु कर उसे सीडब्ल्यू सी हजारीबाग के समक्ष प्रस्तुत किया था। जिसकी सूचना के बाद पीड़िता की शिकायत पर कोडरमा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला थाना की प्रारंभिक जांच के बाद मामले की जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार देर रात डॉ. अनिल कुमार को उरवां स्थित फार्म हाउस से हिरासत में लिया। पुलिस ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद सदर अस्पताल में मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कराई गई। रविवार को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद सिविल सर्जन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के दौरान चुप्पी साधे रहे सिविल सर्जन
गिरफ्तारी के बाद डॉ. अनिल कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान पत्रकारों ने उनसे मामले को लेकर सवाल पूछे। हालांकि, उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरे मामले पर टिप्पणी करने से बचते रहे। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप और उनकी गिरफ्तारी से जिले में चर्चा का माहौल है। फिलहाल, मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।


