Kishanganj News: विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सीमांचल के हजारों बेरोजगार युवाओं से कथित तौर पर मोटी रकम वसूलने के मामले में किशनगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एसटीएफ की मदद से 16 अक्टूबर को पटना से दो प्राथमिकी अभियुक्तों हाजी नाहिद गनी और मो. तवरेज को गिरफ्तार किया है। दोनों पर विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, कथित अवैध तरीके से विदेश भेजने और युवाओं से उनकी इच्छा के विरुद्ध दूसरा काम कराने जैसे गंभीर आरोप हैं।
दुबई, सऊदी अरब और मलेशिया में नौकरी का दिया भरोसा
शनिवार को एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपितों पर हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और तैबा इंटरनेशनल टूर ट्रेवल्स के माध्यम से युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर रकम वसूलने का आरोप है। युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया में रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया जाता था।

पुलिस के अनुसार, कुछ युवाओं को विदेश पहुंचने के बाद निर्धारित रोजगार के बजाय दूसरे काम करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया। मामले में संभावित मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
1.80 लाख रुपये लेकर युवक को विदेश भेजने का आरोप
विशनपुर थाना कांड संख्या 47/26 में शिकायतकर्ता मो. सुलेमान ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र नूरजफर को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख 80 हजार रुपये लिए गए। शिकायत के मुताबिक, युवक को 9 सितंबर को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड भेजा गया। इसके बाद 18 सितंबर को कथित तौर पर डंकी रूट के जरिए मलेशिया पहुंचाया गया।
आरोप है कि मलेशिया में युवक को अन्य युवाओं के साथ एक कमरे में बंद कर काम कराया गया। इसी दौरान मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी हुई। शिकायत के अनुसार, युवक जंगल में छिपकर वहां से बच निकला और बाद में भारत लौट आया।
अन्य सहयोगियों और संपत्ति की जांच
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके अन्य कारोबार, संभावित सहयोगियों और कथित अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि संपत्ति की पहचान होने पर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क के जरिए कितने युवाओं को विदेश भेजा गया और कितने लोग इस मामले से प्रभावित हुए।


