Patna News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आजादी के करीब आठ दशक बाद भी देश में छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों का मौजूद रहना चिंता का विषय है। जब तक समाज के प्रत्येक वर्ग को समानता और सम्मान का अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक राष्ट्रीय एकता को मजबूत नहीं किया जा सकता। वह रविवार को पटना के बापू सभागार में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को किया याद

खरगे ने कहा कि बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने सामाजिक समानता, दलित अधिकारों और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने देवघर मंदिर में दलितों के प्रवेश से जुड़े उनके प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री बाबू ने सामाजिक विरोध के बावजूद समानता के सिद्धांत को प्राथमिकता दी।
उन्होंने जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, औद्योगिक विकास, शिक्षा संस्थानों की स्थापना और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को भी याद किया। खरगे ने कहा कि श्री बाबू के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
भाजपा और आरएसएस पर लगाए भेदभाव के आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर दलितों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर भी दलितों की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया। खरगे ने सांप्रदायिकता को देश के विकास और सामाजिक एकता के लिए नुकसानदेह बताया।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में खरगे ने चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में चुनावी अनियमितताओं के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कथित वोट चोरी के मुद्दे का उल्लेख करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
खरगे ने दावा किया कि चुनाव आयुक्तों के बीच भी कार्यप्रणाली को लेकर आपत्तियां उठाई गई थीं। हालांकि, इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं है।
रोजगार, किसानों की आय और काले धन पर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने विदेशों से काला धन वापस लाने, किसानों की आय दोगुनी करने और हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
श्री बाबू के आदर्शों पर चलने का आह्वान
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने के साथ उनके विचारों को जीवन में अपनाना भी जरूरी है। कार्यक्रम के संयोजक और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने श्रीकृष्ण सिंह के विकास कार्यों को याद किया।
समारोह में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक अधिकारों और सांप्रदायिक सद्भाव के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।


