रांची, 12 अगस्त (हि.स.)। झारखंड में JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। बुधवार को आंदोलन का 19वां दिन रहा, जबकि आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का अनशन नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन कर रहे हैं। आंदोलनकारी विनय मेहता ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई है। उन्होंने देर रात धरना स्थल पर पुलिस प्रशासन की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाए और आशंका जताई कि आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा सकता है।
इसी बीच आंदोलनकारी उम्मा हबीब की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें देर रात इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले छात्र-अभ्यर्थी राहुल कुमार और देवेंद्रनाथ महतो की भी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि अनशन कर रहे छात्रों की लगातार बिगड़ती सेहत के बावजूद प्रशासन की गतिविधियों को लेकर उनकी चिंता बढ़ रही है।
छात्र आंदोलनकारी कुणाल प्रताप सिंह सहित अन्य छात्रों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि कथित अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर अविश्वास पैदा हुआ है। छात्रों ने पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक करने की मांग की है।
छात्र रोहित कुजूर ने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अभ्यर्थी कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर किसी भी तरह का सवाल उठने पर निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है। उन्होंने सीजीएल परीक्षा रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठाई।
बुधवार को स्टेडियम परिसर में बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन और नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


