Ranchi News:- झारखंड उच्च न्यायालय ने बाल कल्याण विभाग की ओर से जारी लेडी सुपरवाइजर नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह रोक अगली सुनवाई तक जारी रहेगी। बाल विकास परियोजना के अंतर्गत कुल 421 लेडी सुपरवाइजर की नियुक्ति होनी है। इसके लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने विज्ञापन जारी किया था। परीक्षा का आयोजन कर परिणाम भी घोषित किया जा चुका है। हालांकि नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आकांक्षा कुमारी समेत 33 अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत में पक्ष रखा और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार और जेएसएससी को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, तब तक पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। अदालत ने कहा कि जब तक सभी पहलुओं की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की नियुक्ति या ज्वाइनिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य में लेडी सुपरवाइजर की नियुक्ति लंबे समय से लंबित है। यह पद ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों की कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी के लिए अहम माने जाते हैं। लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी और कानूनी लड़ाई की स्थिति बन गई है।
अब अदालत में अगली सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या इसमें बदलाव किए जाएंगे। इस फैसले से सैकड़ों अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिलहाल अधर में लटक गई हैं।

