Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। इस चरण में कुल 121 सीटों पर मुकाबला होना है, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और आईएनडीआईए गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि महागठबंधन ने युवाओं पर अधिक भरोसा जताया है, जबकि राजग ने अनुभव और वरिष्ठता को तरजीह दी है।
पहले चरण में महागठबंधन के उम्मीदवारों की औसत आयु 50 वर्ष है, जबकि राजग के उम्मीदवारों की औसत आयु 52 वर्ष है। यानी, औसतन महागठबंधन के प्रत्याशी राजग से दो वर्ष कम उम्र के हैं। दोनों गठबंधनों के कुल उम्मीदवारों की औसत आयु इस चरण में 51 वर्ष रही।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव युवा ऊर्जा और वरिष्ठ अनुभव के बीच का संतुलन स्थापित करेगा। इस चरण में 35 वर्ष से कम उम्र के 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें राजद के 6, जदयू के 5, लोजपा और भाजपा के 3-3, माले के 2 और सीपीआई के 1 उम्मीदवार शामिल हैं।
सबसे युवा उम्मीदवार अलीनगर से भाजपा की मैथिली ठाकुर (25 वर्ष) हैं, जबकि सबसे वरिष्ठ उम्मीदवार हरनौत से जदयू के हरिनारायण सिंह और सीवान से राजद के अवध बिहारी चौधरी (78 वर्ष) हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कई सीटों पर युवा और वरिष्ठ उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। उदाहरण के लिए, संदेश में 67 वर्षीय राधाचरण सिंह का मुकाबला 28 वर्षीय दीपू सिंह से है, जबकि अलीनगर में 63 वर्षीय विनोद मिश्र का सामना 25 वर्षीय मैथिली ठाकुर से है। इसी तरह, गायघाट में राजद के 53 वर्षीय निरंजन राय के सामने जदयू की 30 वर्षीय कोमल सिंह हैं।
चुनाव के पहले चरण में यह स्पष्ट दिख रहा है कि दोनों गठबंधन अनुभव और युवा जोश का संतुलित संयोजन लेकर मैदान में हैं। कौन आगे निकलता है, यह तो नतीजे बताएंगे, लेकिन युवा चेहरों की बढ़ती उपस्थिति बिहार की राजनीति में बदलाव की नई कहानी जरूर लिख सकती है।

