Patna News:- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन किया और परेड की सलामी ली। इस मौके पर उन्होंने युवाओं, उद्योग, स्वास्थ्य और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, साथ ही 2005 से अब तक की अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी शासन पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत दी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य स्तरीय सरकारी नौकरी के लिए सभी आयोगों—बीपीएससी, बीएसएससी, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग और केंद्रीय सिपाही चयन परिषद—द्वारा आयोजित प्रारंभिक (पीटी) प्रतियोगिता परीक्षाओं का शुल्क अब केवल 100 रुपये होगा। साथ ही, मुख्य परीक्षा (मेंस) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से अब कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से लाखों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा और वे अधिक उत्साह से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इससे न केवल डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्रों को अधिक सीटें मिलेंगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं भी पहुंचेंगी।
उद्योग जगत को लेकर उन्होंने कहा कि जो उद्यमी बिहार में फैक्ट्री या कारोबार स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें सरकार सब्सिडी देगी। नीतीश कुमार के अनुसार, इससे निवेश बढ़ेगा, नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
भावनात्मक जुड़ाव के तहत मुख्यमंत्री ने त्योहारों के लिए एक विशेष योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ महापर्व के दौरान दूसरे राज्यों से बिहार आने के लिए विशेष बस सेवाएं चलाई जाएंगी, ताकि बाहर काम करने वाले लोग आसानी से घर लौटकर अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन नई योजनाओं से बिहार के युवाओं, उद्योग और आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा और राज्य के विकास की गति और तेज होगी।

