Ranchi News:- झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को 4296 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक का प्रथम अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। सदन ने इसे ध्वनिमत से मंजूरी दी। हालांकि, इस दौरान भाजपा के विधायक सदन से बाहर चले गए और अनुपूरक बजट का विरोध किया। भोजनावकाश के बाद भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कटौती प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने राज्य सरकार की कमियों को उजागर करते हुए अनुपूरक बजट पर सवाल उठाए। लेकिन सदन ने उनके प्रस्ताव को ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया। इस पर झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि कटौती प्रस्ताव की आवश्यकता ही नहीं थी, क्योंकि मुख्य बजट पहले ही पास हो चुका है।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को दोपहर 3:30 बजे तक स्थगित किया। जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को गति देना और जरूरतमंद वर्गों तक लाभ पहुंचाना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य का वित्तीय प्रबंधन मजबूत है और सरकार कृषि क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने इसे राज्यहित और जनहित में आवश्यक बताते हुए अनुपूरक बजट का औचित्य स्पष्ट किया। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।
इससे पहले कांग्रेस विधायक राजेश कश्यप ने भी अपने विचार रखे। अंत में विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

