Patna News:- पटना के हनुमान नगर निवासी 79 वर्षीय डॉ. राधे मोहन प्रसाद और उनकी पत्नी डॉ. छवि प्रसाद के साथ हाई-टेक साइबर ठगी की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। खुद को सीबीआई अधिकारी, वकील और जज बताकर ठगों ने दंपती को एक फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाया। 12 दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर उनसे 1.95 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
ठगों ने मुंबई पुलिस और अदालत जैसा सेटअप वीडियो कॉल पर दिखाया, जिससे दंपती को यह यकीन हो गया कि वे सच में आरोपी हैं। उन्हें कहा गया कि अगर किसी को जानकारी दी या घर से बाहर निकले, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मानसिक दबाव में आकर दंपती ने 6 बार बैंक जाकर RTGS ट्रांसफर किए।
ठगी के दौरान पीड़ितों को सोने-जागने, खाने-पीने तक पर नियंत्रण में रखा गया। मोबाइल ऑन रखकर सोने की हिदायत दी गई, ताकि हर हरकत की निगरानी की जा सके। एक वीडियो कॉल में तो नकली ऑनलाइन कोर्ट लगाकर उन्हें “बरी” भी कर दिया गया, जिससे पूरा ड्रामा असली लगे।
29 मई को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर 30 मई को एफआईआर हुई। मामले की जांच डीएसपी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी कर रहे हैं।

