Palamu News:- जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के रेवारातू में बुधवार से शुरू हुए स्टोन माइंस के उदघाटन कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पारंपरिक हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। घटना में आधा दर्जन पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
दो पुलिस जवानों को इलाज के लिए एमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। अन्य का इलाज घटनास्थल पर किया गया। घटनास्थल से 11 ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें आठ महिलाएं शामिल हैं। इस बीच पुलिस सुरक्षा में माइंस की गतिविधियाें से जुडे कार्यों को शुरू करा दिया गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार से माइंस क्षेत्र में खनन कार्य शुरू होना था। उदघाटन कार्यक्रम होना था। खनन कार्य को लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे थे। सुबह पहाड़ पर पहुंचने के क्रम में अचानक घात लगाए ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सभी पारंपरिक हथियारों से लैस थे।
इस क्रम में जैप-8 लेस्लीगंज के हवलदार महेन्द्र कुमार दुबे, अखिलेश कुमार, लेस्लीगंज थाना के एएसआई सचिदानंद शर्मा, सतरबवा के सुधीर सिंह सहित जख्मी हो गए। रोड़ेबाजी में भी उन्हें चोट आयी।
हवलदार महेन्द्र कुमार दुबे और अखिलेश कुमार को इलाज के लिए एमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियाें की तैनाती की गयी है। माइंस क्षेत्र में पुलिस कैंप स्थापित किया गया है।
मौके पर प्रशिक्षु आइएएस हिमांशु लाल, लेस्लीगंज के एसडीपीओ मनोज झा, प्रशिक्षु डीएसपी राजीव रंजन, राजेश यादव, लेस्लीगंज के थाना प्रभारी उतम कुमार राय मुख्य रूप से मौजूद थे। मजिस्ट्रेट के रूप में संजीत कुमार और राजन कुमार सिंह मौजूद थे।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उदघाटन कार्यक्रम हुआ। माइंस क्षेत्र में संपर्क मार्ग बनाया गया और अन्य कार्य हुए। खनन कार्य भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
इधर, ग्रामीणों के एक वर्ग ने माइंस से रोजगार और क्षेत्र में विकास होने की उम्मीद भी जतायी है। वहीं, विरोध कर रहे लोग आरोप लगा रहे हैं कि उनकी बात सुने बिना प्रशासन खनन कार्य आगे बढ़ा रहा है। मौके पर बताया गया कि रेवारातू क्षेत्र में श्री विनायक कंस्ट्रक्शन को वर्ष 2024 में माइंस लीज प्राप्त हुई थी। इस पर कुछ ग्रामीणों ने झारखंड उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद भी स्थानीय स्तर पर विरोध जारी है।
माइंस संचालक की ओर से कई दौर की बैठकों के बावजूद विवाद का हल नहीं निकल पाया है। इधर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था में व्यवधान पैदा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

