Chaibasa News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को मुंबई-शालीमार समरसता एक्सप्रेस के स्लीपर कोच के टॉयलेट में एक यात्री का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक का शव गमछे के सहारे लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टॉयलेट का दरवाजा काफी देर तक रहा बंद
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12151 समरसता एक्सप्रेस के एस-7 स्लीपर कोच में टॉयलेट का दरवाजा काफी देर से बंद था। जब कुछ यात्री टॉयलेट का इस्तेमाल करने पहुंचे, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका होने पर यात्रियों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। इस दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में लटका दिखाई दिया।

यह दृश्य देखकर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद यात्रियों ने तत्काल ट्रेन में तैनात टीटीई को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया और चक्रधरपुर स्टेशन पर आवश्यक व्यवस्था की गई।
स्टेशन पहुंचते ही मौके पर पहुंची पुलिस
ट्रेन के चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर टॉयलेट का दरवाजा खुलवाया। अंदर गमछे के सहारे लटके व्यक्ति को रेलकर्मियों की मदद से नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे प्लेटफॉर्म संख्या-दो पर रखा गया।
रेलवे अस्पताल से डॉ. रश्मि के नेतृत्व में मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। चिकित्सकीय जांच के बाद व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रिजर्वेशन चार्ट और CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मृतक के अकेले यात्रा करने की बात सामने आई है। हालांकि, वह ट्रेन में किस स्टेशन से सवार हुआ था और उसे कहां उतरना था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ट्रेन के रिजर्वेशन चार्ट और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही, घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल व्यक्ति की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की परिस्थितियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


