Godda News:- सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए भाजपा की सात सदस्यीय जांच समिति रविवार को गोड्डा पहुंची। यह टीम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर गठित की गई है। समिति में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, अमर कुमार बाउरी, भानु प्रताप शाही, रणधीर सिंह, सुनील सोरेन, अमित मंडल और अनिता सोरेन शामिल हैं। इस दौरान भाजपा नेता लॉबिन हेंब्रम भी मौजूद रहे।
समिति के सदस्यों ने सबसे पहले मृतक सूर्या हांसदा के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद वे उस विद्यालय गए, जिसे सूर्या हांसदा संचालित करते थे और वहां करीब 350 बच्चों से जुड़े शैक्षणिक कार्यों की स्थिति देखी। स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद समिति ने कहा कि पुलिस का बयान और जनता की राय में भारी विरोधाभास है।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मीडिया से बातचीत में राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा मांझी परिवार से ताल्लुक रखते थे, जो पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का प्रतिनिधि माना जाता है। हांसदा लगातार विस्थापितों और आदिवासी समाज के मुद्दों को उठाते रहे थे। इसी वजह से उनके खिलाफ बार-बार झूठे मुकदमे दर्ज किए गए।
मुंडा ने आरोप लगाया कि 27 मई को दर्ज ताजा मामला पूरी तरह फर्जी था। उस दिन हांसदा अपने बच्चे का जन्मदिन परिवार के साथ मना रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने बिना वारंट उन्हें गिरफ्तार कर साजिश के तहत मार डाला। उन्होंने कहा कि यह मुठभेड़ नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या है।
उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गड़बड़ी की गई है और प्रशासन सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा है। मुंडा ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने और उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की। साथ ही मृतक परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मुंडा ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने इस पर कार्रवाई नहीं की, तो भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

