Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले में चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे पटरी पर मिले युवती के शव के मामले में पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, युवती की गला दबाकर ह/त्या की गई थी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी पर फेंक दिया गया था। मामले में पुलिस ने बंधखारो निवासी विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल, सफेद बोरा और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
रेलवे पटरी के पास मिला था शव
एसडीपीओ धनंजय राम ने प्रेसवार्ता में बताया कि 20 सितंबर 2026 को चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास पोल संख्या 335/31 के नजदीक एक अज्ञात महिला का शव मिला था। इस संबंध में गोमो रेल थाना में यूडी कांड दर्ज किया गया था। बाद में बगोदर थाना में कांड संख्या 205/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मृतका की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो निवासी लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई।
पढ़ाई के लिए मांगे थे डेढ़ लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, विनोद मंडल पिछले छह-सात वर्षों से लक्ष्मी कुमारी के संपर्क में था और उसकी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद करता था। बताया गया कि लक्ष्मी आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के लिए उससे डेढ़ लाख रुपये मांग रही थी। पुलिस का दावा है कि इसी रकम को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, रुपये के विवाद और हत्या के बीच संबंध को लेकर पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों को आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया में परखा जाएगा।
सुनसान कमरे में हत्या करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर को लक्ष्मी कुमारी को बुलाकर एक सुनसान कमरे में ले जाया गया था। आरोप है कि वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को सफेद बोरे में भरकर चिचाकी रेलवे पटरी के पास रख दिया गया, ताकि घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
दंपती गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने मामले में विनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पल्सर मोटरसाइकिल, सफेद बोरा और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन वस्तुओं को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। घटना के पीछे की परिस्थितियों और आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है। मामले में आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।


