Giridih News:- झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सोमवार को हजारीबाग जिले के गोरहर इलाके में पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) का कुख्यात सैक सदस्य और 25 लाख का इनामी नक्सली रघुनाथ मांझी उर्फ काना उर्फ शिबू मांझी भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, रघुनाथ मांझी झारखंड के सबसे कुख्यात नक्सलियों में गिना जाता था। वह भाकपा (माओवादी) संगठन की स्पेशल एरिया कमेटी का सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से झारखंड-बिहार सीमा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। उस पर हत्या, आगजनी और लूट जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रघुनाथ पर चाईबासा, गिरिडीह, बोकारो और जमशेदपुर जिले के थानों में कुल 39 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें से सिर्फ गिरिडीह जिले में सात मामले शामिल हैं।
रघुनाथ मूल रूप से गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के जरीडीह गांव का रहने वाला था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से वह बोकारो जिले के पेक नारायणपुर थाना क्षेत्र के तिताही (डेगागढ़ा) गांव में रह रहा था। उसका सक्रिय क्षेत्र गिरिडीह के अलावा बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा-सारंडा (दक्षिणी छोटानागपुर) का इलाका था। पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें लंबे समय से उसकी तलाश में थीं।
मुठभेड़ में रघुनाथ के मारे जाने को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी मौत से संगठन को बड़ा झटका लगेगा और इससे झारखंड में माओवादी नेटवर्क कमजोर होगा। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

