Nawada News:- नवादा जिले के रजौली के पूर्व विधायक प्रकाशवीर के लिए गुरुवार का दिन बड़ा झटका लेकर आया। तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एमपी-एमएलए स्पेशल सेशन कोर्ट के न्यायाधीश सुभाषचंद्र शर्मा की अदालत ने उनकी अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने पूर्व विधायक को सात दिनों के भीतर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सह प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
यह मामला रजौली थाना कांड संख्या 111/2005 से जुड़ा है। वर्ष 2005 में विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में प्रकाशवीर के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में 29 जुलाई 2022 को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट सह प्रथम अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उन्हें छह माह का साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
प्रकाशवीर ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील संख्या 16/22 दाखिल की थी। दो साल से अधिक चली सुनवाई के बाद अदालत ने गुरुवार को निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। अपर लोक अभियोजक अजीत कुमार ने अदालत में अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि पूर्व विधायक के खिलाफ लगे आरोप साक्ष्यों से पूरी तरह प्रमाणित हैं।
अदालत के इस आदेश के बाद पूर्व विधायक की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें अब सात दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा, अन्यथा उनकी गिरफ्तारी की संभावना बन सकती है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि इस निर्णय से प्रकाशवीर को आगामी दिनों में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

