Giridih News:- पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजर से 25 अप्रैल 2025 को अगवा किए गए झारखंड के पांच प्रवासी श्रमिकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना को पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई को लेकर सरकार और एजेंसियों की कोशिशों के बावजूद ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इस कारण दुर्गा पूजा जैसे खुशी के मौके पर भी उनके घरों में मायूसी और बेचैनी छाई हुई है।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के दोंदलो पंचायत से संजय महतो, चंद्रिका महतो, राजू महतो, फलजीत महतो और मुंडरो के उत्तम महतो को नाइजर में अगवा कर लिया गया था। ये सभी श्रमिक कल्पतरु ट्रांसमिशन कंपनी में काम करते थे। जिस दिन अपहरण हुआ, उसी दिन सशस्त्र अपराधियों ने कंपनी के कैंप पर हमला कर 12 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी।
परिजनों ने बताया कि घटना के बाद से वे लगातार राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक गुहार लगा चुके हैं। कई बार जिला अधिकारी, विधायक, सांसद, मंत्री और यहां तक कि राज्यपाल से मिलकर अपहृतों की रिहाई की मांग रखी गई। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात कर इस मामले पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया था। बावजूद इसके, पांच महीने बाद भी किसी प्रकार की ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार अपहृत श्रमिकों की स्थिति पर स्पष्ट जानकारी देने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार न केवल श्रमिकों की रिहाई सुनिश्चित करे, बल्कि उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराए, क्योंकि अधिकांश परिवार अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाई झेल रहे हैं।
परिजन अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही सरकार उनकी सुध लेगी और प्रियजनों की सकुशल वापसी होगी। हालांकि, समय बीतने के साथ उनकी बेचैनी और निराशा और बढ़ती जा रही है।

