Saharsa News;- शहर के सब्जी मार्केट में खुलेआम नकली पनीर की बिक्री जारी है। कम दाम में मिलने वाला यह पनीर लोगों की सेहत के लिए धीमी मौत का ज़हर साबित हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह के नकली पनीर से लिवर, किडनी और हृदय पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, बावजूद इसके फूड जांच एजेंसियां मौन बनी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक, नकली पनीर बाजार में ₹100 से ₹150 प्रति किलो तक मिल रहा है, जबकि शुद्ध लोकल पनीर की कीमत ₹240 प्रति किलो और ब्रांडेड पनीर ₹350 किलो तक है। सस्ता मिलने के लालच में ग्राहक नकली पनीर खरीद रहे हैं और अनजाने में अपनी सेहत बिगाड़ रहे हैं।
विशेषज्ञ डॉ. मुरारी कुमार सिंह ने बताया कि आजकल बाजार में मिलने वाला अधिकांश नकली पनीर डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य रसायनों से बनाया जाता है। ये तत्व शरीर के लिए अत्यंत घातक हैं। उन्होंने बताया कि शुद्ध पनीर में कैल्शियम, प्रोटीन, जिंक, फॉस्फोरस और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाते हैं। लेकिन नकली पनीर इन फायदों की जगह बीमारी दे रहा है।
नकली पनीर खाने से अपच, दस्त, गैस, उल्टी, पेट दर्द जैसी समस्याएं आम हैं। लंबे समय तक इसके सेवन से लिवर और किडनी फेल हो सकती है तथा कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें मौजूद ट्रांस-फैट्स धमनियों को ब्लॉक कर हृदय रोगों की संभावना भी बढ़ा सकते हैं।
डॉ. सिंह ने चेतावनी दी है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक है, क्योंकि उनका शरीर विषैले रसायनों को झेल नहीं पाता। उन्होंने लोगों से अपील की कि पैसा बचाने के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें और नकली मावा, पनीर और मिठाई से दूर रहें।

