Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी जिलों में मतदान केंद्रों का निर्धारण कर दिया है। इस बार कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो पिछले चुनाव की तुलना में 12,817 अधिक हैं। मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि का कारण यह है कि अब एक केंद्र पर अधिकतम 1,200 मतदाता ही रहेंगे। पहले यह सीमा 1,500 थी। आयोग ने यह कदम मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण और भीड़ कम करने की दृष्टि से उठाया है, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।
पटना जिला, जिसमें 14 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, राज्य में सबसे अधिक 5,665 मतदान केंद्रों वाला जिला है। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 4,186, पूर्वी चंपारण में 4,095, मधुबनी में 3,882, गया में 3,866, समस्तीपुर में 3,623 और दरभंगा में 3,329 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, शिवहर जिला, जहां केवल एक विधानसभा क्षेत्र है, में सबसे कम 368 मतदान केंद्र होंगे। शेखपुरा (582), अरवल (651), लखीसराय (904) और जहानाबाद (1009) जैसे जिलों में भी मतदान केंद्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
इस बार का चुनाव कई मायनों में खास होगा, क्योंकि पहली बार राज्य के सभी 90,712 मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग होगी। इसके लिए आईपी आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, जो सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से जुड़े रहेंगे। इससे मतदान की प्रक्रिया पर रीयल-टाइम निगरानी संभव होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
निर्वाचन आयोग ने दिव्यांग मतदाताओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा, महिलाओं के लिए पिंक बूथ, सुलभ रैंप और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं की भी घोषणा की है। साथ ही संसाधनों का बंटवारा जिलों में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या के आधार पर किया जा रहा है, ताकि हर बूथ पर पर्याप्त सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बढ़ी हुई तैयारियों और तकनीकी निगरानी के साथ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को पारदर्शी, सुरक्षित और समावेशी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। अब इंतजार है तो सिर्फ चुनाव की तारीखों के ऐलान का।

