Chennai News:- तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चेन्नई में 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई राज्य के नगर प्रशासन मंत्री केएन नेहरू, उनके परिवारजनों और सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर की गई। ईडी की यह छापेमारी कथित वित्तीय अनियमितताओं और अनुपातहीन संपत्ति के आरोपों की जांच के सिलसिले में हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की टीमों ने अडयार, तेयनंपेट, सीआईटी कॉलोनी और एमआरसी नगर जैसे पॉश इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि ये संपत्तियां मंत्री नेहरू के बेटे केएन अरुण और भाई केएन रवि चंद्रन से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा, नेहरू के भाइयों मणिवन्नन और रवि चंद्रन के चेन्नई और कोयंबतूर स्थित आवासों पर भी छापेमारी की गई।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी का उद्देश्य धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच में सबूत जुटाना है। यह मामला एक बड़े बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि ट्रूडम ईपीसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी, जिसमें केएन नेहरू के भाई रवि चंद्रन निदेशक हैं, ने इंडियन ओवरसीज बैंक से करीब 22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इसी मामले के आधार पर ईडी ने धन शोधन की जांच शुरू की थी।
ईडी का मानना है कि इस धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को कई परिसंपत्तियों में निवेश किया गया है। छापेमारी के दौरान एजेंसी से जुड़े अधिकारी डिजिटल डेटा, दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध धन का इस्तेमाल किन-किन जगहों पर किया गया।
राज्य की सियासत में यह छापेमारी हलचल मचाने वाली है, क्योंकि इससे पहले भी कई नेताओं पर ईडी ने कार्रवाई की है। अभी तक ईडी ने इस छापेमारी के नतीजों पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

