Ranchi News:- झारखंड पुलिस की महिला दारोगा मीरा सिंह की नाजायज कमाई का जाल केवल उन्हीं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें उनका पति प्रीतम सिंह भी शामिल पाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ईडी की ओर से पीएमएलए के तहत दायर आरोप पत्र में बताया गया कि मीरा सिंह अपनी अवैध कमाई को छुपाने के लिए पति प्रीतम सिंह को कागजों पर सब्जी का थोक विक्रेता दिखाती थी। हालांकि जांच में सामने आया कि प्रीतम सिंह ने कभी वास्तविक तौर पर सब्जियों का कारोबार नहीं किया।
जांच एजेंसी ने पाया कि मीरा सिंह अपनी अवैध कमाई से घरेलू खर्चों का वहन करती थी। दाल, चावल, दूध, घी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद भी इसी पैसे से होती थी। साथ ही, अपनी नाजायज कमाई को वैध साबित करने के लिए वह मनी लॉन्ड्रिंग का सहारा लेती थी।
ईडी ने बताया कि इस मामले की शुरुआत एसीबी द्वारा की गई थी, जब मीरा सिंह को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसी प्राथमिकी को आधार बनाकर ईडी ने आगे की जांच शुरू की। जांच के दौरान मीरा सिंह और जमीन कारोबारी लाल मोहित राय नाथ शाहदेव के ठिकानों पर छापेमारी हुई, जिसमें शाहदेव के यहां से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह रकम मीरा सिंह द्वारा अपने पति प्रीतम सिंह के नाम पर जमीन खरीदने के लिए दी गई थी।
नियमानुसार, इस रकम की जानकारी राज्य सरकार को दी जानी चाहिए थी, लेकिन मीरा सिंह ने इसे छिपा लिया। ईडी ने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल नाजायज कमाई को पति की वैध कमाई के रूप में दिखाने की साजिश थी।
ईडी की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि सब्जी विक्रेता का ढांचा केवल कागजों पर खड़ा किया गया था। प्रीतम सिंह ने कभी गाजर, मूली, गोभी या अन्य सब्जियां न खरीदीं और न बेचीं। अब इस मामले में दोनों पति-पत्नी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

