Madhya Pradesh News:- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया क्षेत्र में कफ सिरप से 11 बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की है। शनिवार देर रात परासिया थाना में बच्चों को घातक कफ सिरप लिखने वाले बाल रोग चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी और कफ सिरप बनाने वाली श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी (कांचीपुरम, तमिलनाडु) के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
पुलिस अधीक्षक द्वारा बनाई गई स्पेशल टीम ने देर रात डॉ. प्रवीण सोनी को राजपाल चौक, कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। तमिलनाडु से प्राप्त कफ सिरप के सैंपलों की जांच में डायएथिलीन ग्लाइकोल की अधिक मात्रा पाए जाने के बाद डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ औषधियों में मिलावट, आपराधिक मानव वध और ड्रग्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
बीएमओ डॉ. सल्लाम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दवा को मिलावटी पाया गया। बच्चों की मौत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच लगातार जारी है। जांच में अगर किसी और की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अभिभावकों से अपील की गई है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सिरप का उपयोग न करें।
परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है और कई बच्चे अस्पताल में उपचाररत हैं। इनमें एक से पांच साल के बच्चे शामिल हैं। बच्चों को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ था और वे डॉ. प्रवीण सोनी के क्लिनिक पहुंचे थे। डॉक्टर ने कई बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया। दवा लेने के कुछ दिन बाद बच्चों की हालत गंभीर हो गई और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच पाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को दुखद बताया और प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

