East Champaran :- पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और युवा जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज ने मोतिहारी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे 17 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के अवसर पर मोतिहारी के हवाई अड्डा मैदान में एक भव्य जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर के सभी वार्डों और 22 पंचायतों से लगभग 10 हजार लोग शामिल होंगे।
मीडिया से बात करते हुए दिव्यांशु भारद्वाज ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को विधानसभा तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वे राजनीति को करियर नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। मोतिहारी की जनता लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां केंद्रीय विद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय अब तक बिना भवन के चल रहे हैं, आयुर्वेद कॉलेज बंद कर दिया गया है, जबकि बेरोज़गारी, पलायन, टूटी सड़कों और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा, “मैं किसी पार्टी का नहीं, बल्कि मोतिहारी की जनता का उम्मीदवार बनकर मैदान में उतर रहा हूं। जब जनता खुद अपनी राजनीति तय करती है, तभी लोकतंत्र की सच्ची भावना जीवित रहती है।”
दिव्यांशु भारद्वाज का यह निर्णय बिहार की राजनीति में युवाओं की नई सोच को दर्शाता है। जदयू से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के उनके फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे मोतिहारी में युवाओं और प्रथम बार मतदाताओं के बीच एक नई उम्मीद के प्रतीक बनकर उभर सकते हैं।
मोतिहारी सीट से दिव्यांशु भारद्वाज का चुनावी मैदान में उतरना इस बार के विधानसभा चुनाव को और दिलचस्प बना देगा।

