Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का बुधवार देर शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह रांची के हिल व्यू अस्पताल में इलाजरत थीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
चिकित्सकों डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने उनके निधन की पुष्टि की। बताया गया कि सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा। मल्टी ऑर्गन प्रभावित होने के कारण कई बार उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट भी दिया गया। स्वास्थ्य में कुछ समय के लिए सुधार के बाद अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

रूपी सोरेन मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र की रहने वाली थीं। वर्ष 1962 में उनका विवाह शिबू सोरेन से हुआ था। विवाह से पहले उनका नाम रूपी किस्कू था। शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने परिवार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने बच्चों दुर्गा सोरेन, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और अंजनी सोरेन की परवरिश बेहद सादगी और मजबूत संस्कारों के साथ की।
रूपी सोरेन ने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। पिछले वर्ष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद उनकी तबीयत भी लगातार खराब रहने लगी थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समय-समय पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली और हैदराबाद भी ले जाते रहे। गुरुजी को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने के दौरान रूपी सोरेन स्वयं राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं। पति के निधन के बाद यह उनके सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों में से एक था।
मां के निधन पर भावुक हुए हेमंत सोरेन
मां के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक हैं। सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि बाबा के जाने के बाद मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं। अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई। उन्होंने मां को याद करते हुए कहा कि रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ थीं और रांची के हिल व्यू अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार के साथ-साथ झामुमो समर्थकों और झारखंड के राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र में शोक की स्थिति है।


