Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति लगभग तय कर ली है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक बुधवार को दिल्ली में हुई, जिसमें आगामी चुनाव में अधिकांश पुराने चेहरों को दोबारा मौका देने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता केसी वेणुगोपाल और अजय माकन ने की, जबकि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। इस दौरान बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम सहित सीईसी के अन्य सदस्य मौजूद थे।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि ज्यादातर मौजूदा विधायकों को टिकट देने पर सहमति बनी है। हालांकि, दो विधायकों के नामों पर पार्टी मंथन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक ये दो नाम हैं — चेनारी के विधायक मुरारी गौतम और बिक्रम के विधायक सिद्धार्थ सिंह। बताया जा रहा है कि मुरारी गौतम ने बुधवार को कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है, जबकि सिद्धार्थ सिंह पिछले कुछ महीनों से राजग (एनडीए) खेमे के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
राजेश राम ने कहा कि जब तक महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) में सीट बंटवारे का फार्मूला तय नहीं हो जाता, तब तक उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 48 घंटों में सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला हो जाएगा।
वहीं, कांग्रेस सांसद और सीईसी सदस्य मोहम्मद जावेद ने बताया कि बैठक में 25 उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जा चुकी है। पार्टी का फोकस इस बार पुराने कार्यकर्ताओं और जनाधार वाले नेताओं पर रहेगा।
इस बैठक के साथ ही बिहार में कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। पार्टी का लक्ष्य है कि इस बार गठबंधन के साथ मिलकर विधानसभा में मजबूत वापसी की जाए।

