Araia News:- फारबिसगंज थाना क्षेत्र की एक विवाहित महिला ने अपने साथ हुए कथित अपहरण, बंधक बनाकर रखने, मारपीट और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोपों के खिलाफ अररिया व्यवहार न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल कर न्याय की मांग की है। महिला ने नरपतगंज थाना क्षेत्र के पलासी गांव निवासी मो. आलम आजाद सहित कुल आठ लोगों को आरोपित बनाया है।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी आलम आजाद ने फोन कर यह कहकर बुलाया कि उसका पति उसे मिलने के लिए बुला रहा है। इस झांसे में आकर वह घर से निकली, लेकिन रास्ते में आलम ने जबरन उसे अपनी कार में बैठा लिया और सुपौल जिले के भीमपुर गांव ले गया। वहां कई दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और बाद में अररिया लाकर जबरदस्ती एक कागज पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसे नोटरी भी कराया गया। पीड़िता का दावा है कि यह दस्तावेज किसी अवैध गतिविधि, संभवतः विदेश में बेचने की नीयत से तैयार कराया गया था।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद उसे कभी भीमपुर, तो कभी पलासी गांव में छिपाकर रखा गया। आरोपियों के परिजनों ने मिलकर उसे आपत्तिजनक भोजन देने का दबाव बनाया और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
पीड़िता ने बताया कि बाद में आरोपी उसे सहरसा से ट्रेन पर बैठाकर दिल्ली ले गया, जहां कई दिनों तक एक किराए के मकान में कैद कर रखा गया। इस दौरान उसके बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर डराया-धमकाया गया।
काफी संघर्ष के बाद किसी तरह वह आरोपी के चंगुल से निकलकर अपने घर लौटने में सफल रही। भय और सामाजिक बदनामी के डर से उसने लंबे समय तक किसी को कुछ नहीं बताया। अंततः अपने पति के सहयोग से उसने हिम्मत जुटाई और सीधे कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया।
घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। चूंकि मामला सीधे कोर्ट में गया है, इसलिए पुलिस इस पर एफआईआर दर्ज करने से पहले न्यायालय के निर्देशों का इंतजार कर रही है।

