Palamu News:- पलामू जिले में कड़ाके की ठंड के बीच बोरसी जलाकर सोना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के फुलडीहा गांव में बोरसी के धुएं से दम घुटने के कारण 70 वर्षीय नानी सुनहरा उर्फ मुरैना देवी और उनकी 15 वर्षीय नतिनी माया कुमारी की मौत हो गई। इस हादसे में 40 वर्षीय बेटी किरण देवी गंभीर रूप से बीमार हो गईं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर रेफर किया गया है। किरण देवी के पति सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कार्यरत हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनहरा उर्फ मुरैना देवी कुछ दिन पहले अपनी बेटी किरण देवी के घर फुलडीहा गांव आई थीं। ठंड अधिक होने के कारण परिवार ने रात में एक कमरे के अंदर बोरसी जला ली और दरवाजा बंद कर सो गया। देर रात बोरसी से निकले धुएं ने पूरे कमरे को भर दिया, जिससे मां, बेटी और नातिन की सांसें घुटने लगीं। धुएं के कारण तीनों गहरी नींद में ही बेहोश हो गए।
सुबह काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर तीनों अचेत अवस्था में पड़े मिले। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों की मदद से सभी को अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद ले जाया गया। अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. पी.एन. सिंह ने जांच के बाद सुनहरा उर्फ मुरैना देवी और माया कुमारी को मृत घोषित कर दिया। किरण देवी की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेदिनीनगर रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार में दो मौतों से ग्रामीण गहरे सदमे में हैं। सूचना मिलते ही हुसैनाबाद पुलिस अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
हुसैनाबाद थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम अनुमंडलीय अस्पताल में कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में मामला बोरसी के धुएं से दम घुटने का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

