Patna News: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और अनुभवी विधायक डॉ. प्रेम कुमार को बिहार विधानसभा का अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया। उनके चयन का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों ने स्वागत किया।
निर्वाचित होने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सदन के संचालन में निष्पक्षता उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधानसभा में सभी सदस्यों को बराबर अवसर मिलेगा और महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुले व पारदर्शी तरीके से चर्चा की जाएगी। डॉ. कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य सदन की गरिमा को बनाए रखना और लोकतांत्रिक परंपरा को और मजबूत करना है।”राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुभव और संयम विधानसभा की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी व सुव्यवस्थित बनाएगा।
राजनीति में तीन दशक से अधिक समय का अनुभव रखने वाले डॉ. प्रेम कुमार 1990 से लगातार नौ बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से आते हैं और इस वर्ग के प्रभावशाली नेताओं में उनकी पहचान मजबूत रही है। उन्होंने 1995, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की है।
जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले डॉ. कुमार का शैक्षणिक जीवन भी उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की। अपने राजनीतिक करियर में वे अब तक दस से अधिक महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे हैं। 2005 में पहली बार नीतीश सरकार में मंत्री बने और उसके बाद 2010, 2017–2020 तथा 2020–2024 तक कैबिनेट मंत्री के तौर पर पथ निर्माण, नगर विकास सहित कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनका अनुभव और सादगीपूर्ण व्यवहार सदन की कार्यशैली को नई दिशा दे सकता है।

