नंदीग्राम में हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों से दर्ज की जीत, रेजिनगर में शाखारव सरकार 75,748 मतों से विजयी
Kolkata News: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत दर्ज की है। घोषित नतीजों के अनुसार, नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हासिरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं, रेजिनगर सीट पर भाजपा के शाखारव सरकार ने 75,748 मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी को पराजित किया। दोनों सीटों पर मतगणना के दौरान भाजपा उम्मीदवारों ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी।

नंदीग्राम में जीत का बड़ा अंतर
नंदीग्राम सीट पर हासिरानी रथ की जीत को उपचुनाव का प्रमुख नतीजा माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मतगणना के 11वें राउंड तक वह 90,203 वोटों से आगे थीं। 13वें राउंड में उनकी बढ़त बढ़कर 1,05,854 वोट हो गई। अंतिम परिणाम में जीत का अंतर 1.22 लाख से अधिक पहुंच गया।
हासिरानी रथ दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव थे। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इसे छोड़ने के बाद खाली हुई थी। इससे पहले 2016 में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में इस सीट पर 81,230 वोटों से जीत दर्ज की थी।
रेजिनगर में भी भाजपा को बड़ी सफलता
रेजिनगर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार शाखारव सरकार ने 75,748 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह सीट अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र में होने के कारण राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मतगणना के शुरुआती चरणों से ही भाजपा उम्मीदवार ने बढ़त बनाए रखी और अंतिम नतीजे में बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दोनों सीटों पर भाजपा की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राष्ट्रवादी शक्तियों की सफलता बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को बिना किसी धार्मिक भेदभाव के अन्नपूर्णा योजना का लाभ मिलने से पार्टी को समर्थन मिला। चुनाव आयोग की भूमिका और कथित धांधली को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर उन्होंने चुनावी प्रक्रिया का बचाव किया।
सीटें खाली होने के बाद हुआ उपचुनाव
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी और रेजिनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद रिक्त हुई थी। दोनों नेताओं ने 2026 के विधानसभा चुनाव में दो-दो सीटों से जीत हासिल की थी और बाद में एक-एक सीट अपने पास रखी थी। इन रिक्तियों के कारण दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराया गया।
दोनों सीटों के नतीजों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इन परिणामों का व्यापक राजनीतिक प्रभाव समझने के लिए क्षेत्रवार मतदान, पिछले चुनावों के आंकड़ों और अन्य दलों के प्रदर्शन का विश्लेषण भी महत्वपूर्ण होगा।


