Patna News: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। बुधवार शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी जनसंपर्क के बजाय मतदान की तैयारियों और मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने पर ध्यान देंगे। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
इन आठ सीटों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी सीटें शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत सीटों पर भी मतदान कराया जाएगा। सीमित सीटों पर हो रहे इस चुनाव को राज्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर लगा रहे हैं।

933 मतदान केंद्रों पर 5.32 लाख मतदाता करेंगे मतदान
निर्वाचन के लिए सभी आठ सीटों पर कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 4,92,594 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 40,253 मतदाता मतदान करेंगे।
चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 60 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रत्याशियों की संख्या को देखते हुए विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 598 मतदान केंद्र
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों के लिए कुल 598 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें पटना में 134, कोसी में 181, तिरहुत में 145 और दरभंगा में 138 मतदान केंद्र शामिल हैं।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 335 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पटना में 80, तिरहुत में 58, दरभंगा में 99 और सारण में 98 केंद्र शामिल हैं।
राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर
इन चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), महागठबंधन और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबले पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। राजग के लिए अनंत सिंह का राजनीतिक प्रभाव चर्चा में है, जबकि महागठबंधन के सामने सहयोगी दलों के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती मानी जा रही है। हालांकि, चुनाव में स्थानीय समीकरण, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ और मतदाताओं का रुझान निर्णायक साबित हो सकता है।
मतदान को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अब सभी की निगाहें 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।


