Patna News:- बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों को प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने शपथ दिलाई। सत्र के आरंभ के साथ ही विधानसभा में अनुशासन, सम्मान और राजनीतिक सौहार्द का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जो हाल के वर्षों में कम ही दिखाई देता है।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, जहां सबसे पहले दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी ने शपथ ली। शपथ के बाद सदन में जो दृश्य सामने आया, वह चर्चा का विषय बन गया। विजय कुमार सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से गले मिलकर बधाई स्वीकार की, वहीं सम्राट चौधरी ने भी तेजस्वी यादव से हाथ मिलाया। यह क्षण बिहार की राजनीति में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और गरिमामय रही। सत्ता और विपक्ष के नेता एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते और सहयोग की उम्मीद जताते नजर आए। वरिष्ठ नेताओं ने नई सरकार और नए विधायकों को शुभकामनाएं देते हुए आगामी सत्र में बेहतर कार्य की अपेक्षा की।
तेजस्वी यादव ने भी राघोपुर से विजयी होकर पुनः सदन में प्रवेश किया और नेता प्रतिपक्ष के रूप में शपथ ली। इस बार कई नए और युवा चेहरे भी विधान भवन पहुंचे हैं, जिनमें प्रसिद्ध मैथिली गायिका मैथिली ठाकुर भी शामिल हैं। हरिनारायण सिंह ने लगातार 10वीं बार जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
इस बार विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला। आधे से अधिक पुराने विधायक हार गए, जबकि केवल 111 ही दोबारा सदन में पहुंचे हैं। राजग ने भारी जीत दर्ज की है — भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक चुनकर आए हैं। कुल मिलाकर राजग के 202 विधायक सदन में मौजूद हैं।
वहीं महागठबंधन को इस चुनाव में गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है। राजद के सिर्फ 25, कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3, AIMIM के 5 और बसपा के 1 विधायक जीतकर आए हैं। कुल मिलाकर विपक्ष की संख्या 41 ही रह गई है।
सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा। शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान राज्यपाल का संयुक्त संबोधन तथा अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।

