Patna News:– बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना के होटल मौर्या में करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र हुई इस गुप्त मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चा गर्म कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य एजेंडा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में सीट बंटवारा और चुनावी रणनीति रहा। इस दौरान जदयू और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, विजय कुमार चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल शामिल थे।
मुलाकात के बाद अमित शाह अपने तय कार्यक्रम के तहत रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन रवाना हो गए। यहां उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी सहित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद हैं। शाह यहां शाहाबाद प्रक्षेत्र और मगध के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे।
बिहार में NDA में शामिल भाजपा, जदयू, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के बीच सीट बंटवारे पर खींचतान जारी है। जीतन राम मांझी 15 से 20 सीटों की मांग पर अड़े हैं, वहीं चिराग पासवान जदयू की परंपरागत मजबूत सीटों पर दावा कर रहे हैं। ऐसे में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला निकालना भाजपा और जदयू के लिए चुनौती साबित हो रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के हालिया बिहार दौरे के बाद अमित शाह का यह दौरा बेहद अहम है। शाह की नीतीश कुमार से मुलाकात से यह संकेत मिल रहा है कि गठबंधन में मतभेद सुलझाने की कोशिशें तेज हो चुकी हैं।
भले ही बैठक की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि शाह और नीतीश ने मिलकर चुनावी रोडमैप को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

