Patna:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जन सुराज पार्टी को गया जिले में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं और 50 से अधिक नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में जिला चुनाव प्रभारी, संगठन प्रभारी और अभियान समिति के प्रमुख नेता शामिल हैं।
गया में हुई पत्रकार वार्ता में नेताओं ने आरोप लगाया कि जन सुराज पार्टी अब अपने सिद्धांतों से भटक चुकी है और भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। उनका कहना है कि उम्मीदवारों के चयन में कार्यकर्ताओं से कोई परामर्श नहीं लिया गया। गया जिले की 10 विधानसभा सीटों में से केवल 2 पर स्थानीय कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया, जबकि 8 सीटों पर “पैराशूट उम्मीदवारों” को उतारा गया है।
जिला चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि “हमसे बिना चर्चा किए टिकटों का बंटवारा कर दिया गया। जिन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए मेहनत की, उन्हें नजरअंदाज किया गया। इसके खिलाफ हम सबने सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया।”
वहीं, जिला अभियान समिति संयोजक जावेद अहमद खान ने बताया कि पार्टी में बाहरी लोगों को तरजीह दी जा रही है। “गया टाउन से धीरेन्द्र अग्रवाल और गुरुआ से जदयू के पूर्व एमएलसी संजीव श्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया गया, जबकि उन्होंने कभी पार्टी की सेवा नहीं की,” उन्होंने कहा।
शेरघाटी और गुरुआ विधानसभा से जुड़े नेताओं ने बताया कि उन्होंने हजारों लोगों को सदस्य बनाया, लाखों रुपये खर्च कराए, फिर भी टिकट नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय कार्यकर्ताओं का अपमान किया है।
बगावती नेताओं ने कहा कि अब वे आगामी 24 अक्टूबर को एक बड़ी बैठक कर यह तय करेंगे कि आगे किस उम्मीदवार या दल का समर्थन किया जाए। फिलहाल उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वे जन सुराज के उम्मीदवारों को हराने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।
बिहार चुनाव से पहले गया जिले में जन सुराज की इस बड़ी टूट को राजनीतिक विशेषज्ञ पार्टी के लिए “सबसे बड़ा झटका” बता रहे हैं।

