Bengaluru Gas Crisis : बेंगलुरु में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अचानक बंद होने से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सोमवार को एक नोटिस जारी कर बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। गैस की आपूर्ति बंद होने के कारण शहर के कई होटल और रेस्टोरेंट 10 मार्च से बंद रह सकते हैं। एसोसिएशन के मुताबिक बिना गैस के भोजन और नाश्ता तैयार करना संभव नहीं है, इसलिए होटल संचालकों के पास काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
आम लोगों और छात्रों पर पड़ेगा असर
होटल उद्योग को आवश्यक सेवा माना जाता है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के भोजन के लिए होटलों और रेस्टोरेंट्स पर निर्भर रहते हैं। एसोसिएशन ने कहा कि होटल बंद होने से आम जनता, वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। कई लोग रोजाना अपने भोजन के लिए होटल और छोटे रेस्टोरेंट्स पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में अचानक बंदी से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
तेल कंपनियों के वादे के बावजूद आपूर्ति रुकी
बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि तेल कंपनियों ने पहले भरोसा दिया था कि कम से कम 70 दिनों तक गैस आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। इसके बावजूद अचानक सप्लाई रोक देना होटल उद्योग के लिए बड़ा झटका है। एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि होटल मालिक अपनी इच्छा से काम बंद नहीं कर रहे हैं, बल्कि गैस की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्रियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्रियों और बेंगलुरु के सांसदों को पत्र भेजा है और तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर जरूरत हो तो सरकार गैस आपूर्ति में कुछ कटौती कर सकती है, लेकिन पूरी तरह बंद करना सही कदम नहीं है। उनका कहना है कि होटल उद्योग को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम सीमित आपूर्ति जारी रहनी चाहिए।
एलपीजी बुकिंग नियमों में बदलाव
एलपीजी की संभावित कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने बुकिंग के बीच की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुई अनिश्चितताओं और घबराहट में खरीदारी की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सरकार का दावा – देश में पर्याप्त एलपीजी स्टॉक
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां फिलहाल बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद वहन कर रही हैं।

