East Champaran News:- भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं बटालियन ने सतर्कता दिखाते हुए एक बड़े तस्कर को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह आरोपी कोई और नहीं बल्कि काठमांडू केंद्रीय जेल से फरार हुआ बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद अब्दुल है, जो नेपाल में सोने की तस्करी के आरोप में पिछले पांच साल से जेल की सजा काट रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, 9 सितंबर को नेपाल में हुए उग्र जनआंदोलन के दौरान काठमांडू जेल में कैदियों ने जेल ब्रेक कर दिया। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर मोहम्मद अब्दुल भी जेल से भाग निकला। जेल से फरार होने के बाद उसने भारत में घुसकर भागने की योजना बनाई थी। उसका इरादा रक्सौल होते हुए कोलकाता पहुंचने का था, जहां से वह अपने देश बांग्लादेश लौटना चाहता था।
लेकिन उसकी यह योजना सफल नहीं हो सकी। गुरुवार को पूर्वी चंपारण जिले के सहदेवा बॉर्डर आउटपोस्ट के पास, भारत-नेपाल सीमा पिलर संख्या 378 के निकट एसएसबी के जवानों ने उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने खुद स्वीकार किया कि वह लंबे समय से नेपाल में रहकर सोने की तस्करी कर रहा था और जेल से भागने के बाद भारत होकर बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहा था।
एसएसबी की चौकसी और मुस्तैदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। गिरफ्तार तस्कर को पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुट गई हैं कि जेल ब्रेक के बाद और कितने अपराधी भारत की ओर घुसने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, इस घटना से एक बार फिर सीमा सुरक्षा बल की भूमिका और सतर्कता पर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।

