Araia News:- बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी और समता पार्टी के स्थापना काल से उनके खास माने जाने वाले अनंत राय ने पार्टी से बगावत कर दी है। बुधवार को उन्होंने नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया।
नामांकन की प्रक्रिया फारबिसगंज अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित डीसीएलआर कार्यालय में हुई, जहां उन्होंने निर्वाची पदाधिकारी सह डीसीएलआर अमित कुमार के समक्ष अपना नामांकन पत्र भरा। इस तरह अनंत राय फारबिसगंज अनुमंडल में नामांकन दाखिल करने वाले पहले प्रत्याशी बन गए।
नामांकन के दौरान अनुमंडल कार्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नौ प्रवेश द्वारों (ड्रॉप गेट) पर पुलिस बल की सघन जांच चल रही थी। प्रत्येक प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों, प्रस्तावकों और समर्थकों की पूरी जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी।
गौरतलब है कि नामांकन की प्रक्रिया के पहले दो दिनों में किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया था, लेकिन अनंत राय के नामांकन के साथ ही चुनावी माहौल में अचानक हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक हलकों में इसे नीतीश कुमार के लिए एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि अनंत राय न सिर्फ समता पार्टी के शुरुआती दौर से उनके साथ रहे हैं, बल्कि संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर अनंत राय के इस कदम को जनता के बीच “बगावत की शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उनकी इस बगावत से नरपतगंज सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है और यह परिणाम कई समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

