Ranchi News:- कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने राज्य में अवैध कोयला खनन में शामिल कॉर्पोरेट माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोमवार को धुर्वा सेक्टर-3 स्थित एफ-44 में आयोजित प्रेस वार्ता में अंबा ने कहा कि कोयला माफिया रैयतों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहे हैं, लेकिन वह अपने परिवार के साथ मिलकर इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेंगी, चाहे इसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
अंबा ने आरोप लगाया कि कोयलांचल में फैले अवैध खनन में कॉर्पोरेट-प्रशासनिक गठजोड़ सक्रिय है, जो स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कोयला माफियाओं के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कीमत चुकाई है, लेकिन वह विस्थापितों की आवाज बुलंद करती रहेंगी।
उन्होंने बताया कि राज्य के भ्रष्ट अधिकारी इन माफियाओं को सहयोग दे रहे हैं। नतीजतन ये अधिकारी अमीर बनते जा रहे हैं, उनके बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं, जबकि विस्थापितों के बच्चे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। अंबा ने कहा कि कोयलांचल में लोगों को घरों से जबरन बेदखल कर प्राकृतिक संसाधनों की लूट की जा रही है, लेकिन उनका परिवार जल-जंगल-ज़मीन की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा।
पूर्व विधायक ने मांग की कि कोयला खनन क्षेत्र के विस्थापितों को न्यायपूर्ण मुआवज़ा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। इसके लिए आरआर एसी एक्ट 2013 और उससे जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किया जाना जरूरी है, ताकि आदिवासी और स्थानीय लोगों के अधिकार, आजीविका और संस्कृति सुरक्षित रह सके।
अंबा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अवैध खनन और विस्थापितों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हैं और उन्होंने कई बार शीर्ष अधिकारियों को निर्देशित किया है, लेकिन स्थानीय स्तर के भ्रष्ट अधिकारी कॉर्पोरेट माफियाओं से मिले हुए हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री को भ्रष्ट अधिकारियों और माफिया गठजोड़ की विस्तृत जानकारी देंगी, ताकि ठोस कार्रवाई हो सके।

