Ranchi News:- झारखंड पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर जगत की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पहली बार राज्य के इतिहास में अजरबैजान से प्रत्यर्पित किए गए कुख्यात अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को रामगढ़ जेल से रांची लाकर एटीएस मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ शुरू कर दी गई है। रामगढ़ कोर्ट से 6 दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद एटीएस टीम ने मयंक को एटीएस हेडक्वार्टर, धुर्वा पहुंचाया। यहां उससे कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है, खासकर अमन साहू गैंग के हथियार और फाइनेंशियल नेटवर्क से जुड़े रहस्यों पर।
एटीएस एसपी ऋषव कुमार झा के अनुसार, एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू का सबसे करीबी और भरोसेमंद साथी मयंक सिंह था। वह न केवल गिरोह के लिए हथियारों की सप्लाई करता था, बल्कि आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क को भी नियंत्रित करता था।
अधिकारियों का मानना है कि मयंक से पूछताछ के बाद अमन साहू गैंग का पूरा हथियार और फाइनेंशियल सिस्टम ध्वस्त किया जा सकता है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे गिरोह के सदस्यों, सप्लायर, फाइनेंसर और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मयंक के पास से कई ऐसे राज खुल सकते हैं, जो न सिर्फ झारखंड बल्कि देश के अन्य राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर भी शिकंजा कसने में मददगार साबित होंगे। एटीएस ने पूछताछ के दौरान डिजिटल डिवाइस, बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री भी खंगालने की तैयारी की है।
झारखंड पुलिस के लिए यह केस बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अमन साहू के खात्मे के बाद उसका नेटवर्क बिखर तो गया, लेकिन उसका आर्थिक ढांचा और हथियार सप्लाई चैन अब भी सक्रिय बताया जा रहा है। मयंक से मिलने वाली जानकारी इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

