Palamu News: पलामू के तरहसी प्रखंड के टंडवा नौगढ़ में बीएसएफ के शहीद जवान विश्वनाथ सिंह के 30वें शहादत दिवस पर शनिवार को उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रतिमा का अनावरण चतरा के सांसद कालीचरण सिंह और पांकी विधायक डॉ शशिभूषण मेहता एवं नौगढ़ मुखिया विजय शंकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया।

उल्लेखनीय है कि शहीद जवान विश्वनाथ सिंह 27 मार्च 1996 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुये शहीद हो गये थे। नौगढ़ मुखिया विजय शंकर पाण्डेय की सक्रियता से पांकी विधायक ने अपने कोटे की राशि से शहीद की प्रतिमा स्थापित कराई। मौके पर सांसद ने कहा कि कहा कि वह धरती और मां दोनों धन्य हैं जो विश्वनाथ जैसे वीर पुत्रों को जन्म देती हैं।और वह जिंदगी भी क्या जो देश का काम न आये। ऐसे ही एक वीर पुत्ररत्न को1972 में इस धरती माँ ने जन्म दिया था जो अपना लहू का एक एक कतरा इस देश और देशवासियों के लिये बहा दिया ,किन्तु देश पर आंच नही आने दिया।
अमर जवान विश्वनाथ सिंह जैसे बहादुर सैनिकों की वजह से हमारा देश सुरक्षित है और हम चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वनाथ सिंह की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे जवान एवं उनके परिवार के प्रति देश कर्जदार रहेगा।इस अवसर पर पांकी विधायक ने कहा कि यह प्रतिमा आज के युवाओं के साथ साथ आनेवाले पीढ़ी को भी देशसेवा के लिए प्रेरणा देगा ।भाजपा की सरकार में ही शहीदों को सम्मान मिलता है।भाजपा के पूर्ववर्ती सरकारें वोटबैंक के राजनीति के कारण वक्फबोर्ड जैसा कानून बनाती थी जिसके आड़ में समुदायविशेष के लोग जमीन और मंदिरों यहाँ तक हाट बाजार की जमीन कोर्ट कचहरी और संसद भवन तक पर अपना मालिकाना हक जताने लगे थे।
शहीद का जन्म 5 अप्रैल 1972 को टंडवा नौगढ़ अंचल तरहसी ( मनातू )में हुआ था और 20 वर्ष की उम्र में वे बॉर्डर सेक्युरिटी फोर्स (BSF) में बहाल हुआ था।1996 में तब इनकी पोस्टिंग आतंकवाद से ग्रसित जम्मू कश्मीर में था तब जम्मू कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था ।28 मार्च को घर आने के लिये इस जवान की छुट्टी स्वीकृत था ।घर आने के पूर्व संध्या पर 27 मार्च को ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते शहीद हुआ था।
मौके पर पांकी विधायक के जिला प्रतिनिधि प्रकाश मेहता, बच्चन ठाकुर, ललित मेहता, विरेन्द्र वर्मा, साधु मांझी, मुखिया सुजित राम, भीम प्रभाकर सिंह, प्रमेशवर साव, पांकी मंडल अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।