बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा मोकामा तिरुपति मंदिर
गंगा किनारे मोकामा में विकसित होगा समेकित धार्मिक-पर्यटन स्थल
Patna News: बिहार जल्द ही धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरेगा। पटना जिले के मोकामा में तिरुपति बालाजी की तर्ज पर एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इस पहल से न केवल धार्मिक महत्व बढ़ेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राज्य सरकार ने सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटकीय सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत पथ निर्माण विभाग की 10.11 एकड़ जमीन को पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। यह जमीन मोकामा शहर में गंगा नदी के किनारे स्थित है, जो ऐतिहासिक रूप से अंग, मगध और मिथिला जनपदों के संगम स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। इसके पास का सिमरिया घाट अर्ध कुंभ मेले के आयोजन के कारण पहले से ही धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस परियोजना को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्, तिरुपति (आंध्र प्रदेश) द्वारा विकसित किया जाएगा। यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त सरकारी ट्रस्ट है, जो मंदिरों, वेदपाठशालाओं, विश्वविद्यालयों और अस्पतालों का संचालन करता है। पूरे प्रोजेक्ट का खर्चा यही ट्रस्ट वहन करेगा। बिहार सरकार ने इस जमीन को 99 साल की लीज पर मात्र 1 रुपये के टोकन शुल्क पर उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हाल ही में 1,000 करोड़ की लागत से सीता मंदिर का भूमिपूजन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में किया गया। इससे पहले वैशाली में 550 करोड़ की लागत से बुद्ध स्मृति स्तूप का उद्घाटन हुआ था। अब मोकामा में तिरुपति मंदिर बनने से यह क्षेत्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर में शामिल होगा, जिसमें गया विष्णुपद मंदिर और मां जानकी मंदिर पुनौराधाम जैसे स्थल भी जुड़ेंगे।
इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और मोकामा सहित आसपास का इलाका सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से तेजी से विकास करेगा।

