बेगूसराय।
बेखौफ हत्यारों ने मंगलवार की सुबह बेगूसराय जेल के एंबुलेंस ड्राइवर धर्मेंद्र रजक (40) की हत्या नृशंस तरीके से कर दी। घटना नगर थाना क्षेत्र के सुभाष चौक के समीप की है। घटना के 5 घंटे के बाद भी किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर नाराज लोगों ने समाहारणालय के द्वार पर शव रखकर गेट बंद कर दिया। इससे डीएम सहित अधिकारियों को काफी देर तक बाहर रहना पड़ा। फिर डीएम व एसपी के आश्वासन के बाद गेट खोला गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। घटना स्थल से रस्सी और एसिड की खाली बोतल बरामद की गई है।
जानकारी अनुसार एंबुलेंस चालक एक बीमार कैदी को पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराकर बेगूसराय जेल लौट रहा था। इसी बीच पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने एंबुलेंस को रोककर चालक को उतार कर उसके दोनों हाथ का नस काटने के बाद एसिड पिलाई। इसके बाद रस्सी से गला घोट कर उसे मरा समझकर वहीं छोड़ दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस की गश्ती दल ने खून से लथपथ चालक को निजी क्लीनिक में भर्ती कराया,जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बेटे संदीप कुमार ने बताया कि सोमवार की रात 9 बजे पापा ने फोन कर कहा था कि वह बीमार कैदी को लेकर पीएमसीएच जा रहे हैं और मंगलवार की सुबह लौटेंगे। इसके अतिरिक्त उसने जेल प्रशासन पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक विचाराधीन कैदी की मौत के बाद मेरे पिता पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया जा रहा था। उसने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर उनके पिता के लोकेशन की जानकारी हत्यारों को कैसे मिला। जबकि कारा अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता का कहना है कि बीमार कैदी को पांच पुलिस के जवानों के साथ ले जाया गया, जो कैदी को लेकर वहीं रुक गए। जबकि चालक खाली एंबुलेंस लेकर लौट रहा था।
डीएम अरबिंद कुमार वर्मा ने बताया की मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा की मृतक के इकलौते पुत्र को अनुकंपा के आधार पर नौकरी व परिजनों को सुरक्षा मुहैया करायी जाएगी।साथ ही मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता दी जाएगी।


