Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) परिसर में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील और विचलित करने वाली घटना सामने आई। अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव लेकर घूमता दिखाई दिया। इस दृश्य के सामने आने के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
युवक ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक युवक की नजर अचानक नवजात का शव लेकर घूम रहे कुत्ते पर पड़ी। यह दृश्य देखकर वह हैरान रह गया। उसने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि नवजात का शव किसका है और कुत्ता उसे कहां से लेकर आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल पुलिस चौकी और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की।
DC और SP ने अस्पताल पहुंचकर की जांच
घटना की जानकारी मिलने पर पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी सदर एसडीओ संजय पांडे के साथ अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय कुमार, डॉ. आरके रंजन और शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार समेत अन्य अधिकारी भी जांच में शामिल हुए।
अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, कुत्ते की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। प्रशासन ने नवजात के शव का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया।
डॉग स्क्वायड की ली जा रही मदद
उपायुक्त ने घटना को दुखद और शर्मनाक बताते हुए कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नवजात का शव कहां से आया और अस्पताल परिसर तक कैसे पहुंचा।
इसके अलावा, आसपास के अस्पतालों की भी जांच करने की बात कही गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नवजात की पहचान और शव के स्रोत का पता लगाना चुनौती
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अस्पताल कर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। नवजात की पहचान और शव के अस्पताल परिसर तक पहुंचने की परिस्थितियों का पता लगाना जांच का प्रमुख हिस्सा है।
नवजात का शव फेंकने के मामले में बड़ी कार्रवाई, उत्तम अस्पताल और निपुन अल्ट्रासाउंड सेंटर सील
मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में एक आवारा कुत्ते के मुंह में नवजात शिशु का शव दबाकर घूमने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद मंगलवार शाम एमएमसीएच से करीब 100 मीटर की दूरी पर संचालित उत्तम अस्पताल और निपुन अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया। अस्पताल में आठ माह की गर्भवती नाबालिग का गर्भपात कराने और नवजात के शव को अस्पताल परिसर में फेंकने का आरोप सामने आया है।
यह कार्रवाई सदर एसडीओ संजय पांडेय, एमएमसीएच के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार और प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता की संयुक्त टीम ने की। प्रशासनिक टीम ने करीब चार घंटे तक जांच की। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से मामले में अहम सुराग मिलने के बाद कार्रवाई की गई। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
मामले की तह तक पहुंचने के लिए अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने का निर्देश दिया गया। पुलिस डॉग स्क्वाड की सहायता लेने के साथ स्थानीय लोगों, राहगीरों और आसपास की सहियाओं से भी जानकारी जुटाने को कहा गया।
जांच के दौरान प्रशासनिक टीम ने उत्तम अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसमें मंगलवार सुबह करीब 5:12 बजे दो महिलाएं झोले में कुछ लेकर अस्पताल से निकलती और एमएमसीएच परिसर की ओर जाती दिखाई दीं। फुटेज के अनुसार, दोनों महिलाएं पोस्टमार्टम हाउस की दिशा में गईं। करीब एक घंटे बाद जब वे वापस लौटीं, तो उनके हाथ में झोला नहीं था।
इस फुटेज के आधार पर प्रशासन ने दोनों महिलाओं से जुड़े घटनाक्रम की जांच की। पूछताछ के दौरान सामने आया कि सोमवार रात पाटन क्षेत्र की एक नाबालिग का उत्तम अस्पताल में आठ माह का गर्भपात कराया गया था। आरोप है कि इसके बाद नवजात के शव को एमएमसीएच परिसर में ले जाकर फेंक दिया गया।
अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर सील
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने मंगलवार शाम करीब सात बजे उत्तम अस्पताल और निपुन अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान एमएमसीएच अधीक्षक डॉ. अजय कुमार, डॉ. आरके रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।
उत्तम अस्पताल का संचालन उत्तम कुमार सिंह द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी जांच और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।



