Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में स्वास्थ्य सहिया गीता देवी की हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। रविवार को पाण्डु थाना क्षेत्र के सिलदिली गांव में हुई इस घटना के विरोध में मृतका के मायके पक्ष के लोगों और ग्रामीणों ने आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हत्याकांड में शामिल आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
न्याय की मांग को लेकर निकाला मार्च

आक्रोश मार्च में बड़ी संख्या में मृतका के मायके पक्ष के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने गीता देवी को न्याय दिलाने की मांग उठाई और हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गीता देवी की हत्या से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। इस घटना से ग्रामीणों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
चार आरोपित गिरफ्तार, फिर भी परिजनों में आक्रोश
गीता देवी हत्याकांड में पुलिस अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, गिरफ्तारियों के बावजूद मृतका के परिजन और ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाए और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जाए।
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाकर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निष्पक्ष जांच और कठोर सजा की मांग
आक्रोश मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की गहन जांच करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की। उनका कहना था कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया को भी निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को फांसी देने की मांग करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और ऐसे गंभीर अपराधों पर रोक लगाने के लिए कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजरें
फिलहाल, पुलिस इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मृतका के परिजन और ग्रामीण अब जांच की प्रगति तथा अदालत में होने वाली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
गीता देवी को न्याय दिलाने की मांग के साथ निकाले गए इस आक्रोश मार्च के जरिए लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने तक न्याय की मांग उठाते रहेंगे। हालांकि, आरोपितों के दोषी होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।


