Nalanda News: जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के अनुसार, सिपाही की मौत शराब तस्करों की गोली से नहीं, बल्कि धावा दल में शामिल होमगार्ड जवान रिशु कुमार की राइफल से चली गोली से हुई थी। इस मामले में राजगीर की उत्पाद दारोगा पुष्पा कुमारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को भी जब्त किया है।
पुलिस ने उत्पाद दारोगा पुष्पा कुमारी, उत्पाद सिपाही अनूप कुमार, होमगार्ड जवान रिशु कुमार, दीनानाथ और सन्नी, निजी चालक गौरव उर्फ निशांत तथा शंकर कुमार को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया गया है। बताया गया है कि वाहन निजी था।

होमगार्ड की राइफल से चली थी गोली
एसपी हृदय कांत के अनुसार, बुधवार रात पावापुरी के दौलाचक के पास उत्पाद विभाग की टीम झारखंड से आ रही शराब लदी पिकअप का पीछा कर रही थी। इसी दौरान गोली चलने से उत्पाद सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली स्कॉर्पियो के पिछले शीशे को भेदते हुए चालक की सीट के बगल में बैठे अजीत के सिर में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि उत्पाद दारोगा पुष्पा कुमारी के आदेश पर होमगार्ड रिशु कुमार ने साथी की राइफल से तीन राउंड फायरिंग की थी। इनमें दो गोलियां मिसफायर हुईं, जबकि तीसरी गोली सिपाही अजीत को लग गई।
अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि घटना के बाद अधिकारियों को कथित तौर पर गुमराह किया गया। महिला दारोगा ने बताया था कि रेकी कर रहे शराब तस्करों की गोली से सिपाही की मौत हुई है। आरोप है कि सिपाही की मौत की सूचना एसपी से भी छिपाई गई। मामले में संदेह होने पर एसपी ने राजगीर एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। जांच के दौरान घटनाक्रम और गोली चलने की परिस्थितियों की पड़ताल की गई, जिसके बाद कथित साजिश और घटना से जुड़े तथ्यों का खुलासा हुआ।
एसआईटी मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के बाद कथित तौर पर गलत जानकारी देने और वास्तविक घटनाक्रम छिपाने में किसकी क्या भूमिका थी। इस घटना ने उत्पाद विभाग की टीम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


