Chaibasa News: जिले के धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के बावैदा गांव में रविवार रात दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां एक युवक ने अपनी दो सगी बहनों की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपित स्वरूप टुडू उर्फ चिंटू सोमवार सुबह धालभूमगढ़ थाना पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल से दोनों महिलाओं के शव बरामद कर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी जब्त कर ली है।
बीमार भाई की देखभाल करने पहुंची थीं बहनें

जानकारी के अनुसार, स्वरूप टुडू अपने घर में अकेला रहता था और कई दिनों से बीमार चल रहा था। बीमारी में सुधार नहीं होने पर उसने रविवार रात घाटशिला के चुनूडीह से एक ओझा को बुलाया था। इसी दौरान उसकी बड़ी बहनें दुलारी सोरेन (55) और लक्ष्मी मंडी (50) भी भाई के घर पहुंचीं। दोनों बहनें उसकी देखभाल करने और घर की साफ-सफाई के लिए आई थीं। रविवार रात घर में पूजा का आयोजन भी किया गया था। इसमें लक्ष्मी मंडी के पति सूरजु मांडी को भी बुलाया गया था, लेकिन वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
सोते समय कुल्हाड़ी से हमला करने का आरोप
आरोप है कि देर रात जब दोनों बहनें सो रही थीं, तभी स्वरूप टुडू ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौत हो गई। लक्ष्मी मंडी बासाझोर की रहने वाली थीं, जबकि दुलारी सोरेन घाटशिला प्रखंड की आसना पंचायत के चढ़ईगोड़ा गांव में रहती थीं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद धालभूमगढ़ थाना प्रभारी धीरज कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई।
हत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं
प्रारंभिक जानकारी में घटना के पीछे ओझा-गुनी से जुड़ा मामला होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
परिवार में दो भाई और तीन बहनें थीं। आरोपित के बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि तीसरी बहन की शादी गांव में ही हुई है। पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद ही इस दोहरे हत्याकांड की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।


