मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 7 हजार लाभुकों को पहली किस्त जारी
Patna News: बिहार सरकार राज्य के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को बापू सभागार में उद्योग विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम एवं प्रथम किस्त वितरण समारोह में यह बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी परिवार बनाना है। इसके लिए उद्योग, रोजगार, शिक्षा, आधारभूत संरचना और ऊर्जा के क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के दौरान व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए युवाओं और विभिन्न वर्गों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना जरूरी है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत एमएसएमई क्षेत्र में 45 हजार उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें 14 हजार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, 10 हजार अतिपिछड़ा वर्ग, 9,500 महिलाएं, 9 हजार युवा और 2,500 अल्पसंख्यक वर्ग के उद्यमी शामिल हैं। योजना पर राज्य सरकार करीब 3,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। कार्यक्रम के दौरान 7 हजार लाभुकों के खाते में पहली किस्त की राशि अंतरित की गई।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में एमएसएमई केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें बिहार को भी पर्याप्त हिस्सा मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य के छोटे और मध्यम उद्योगों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए पीपीपी मोड में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। अगले पांच वर्षों में उद्योगों को 20 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम होगा। वहीं, बिहार में बने उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने के लिए प्रचेज प्रीफरेंस एक्ट के तहत 25 से 40 प्रतिशत तक खरीद का प्रावधान लागू करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 700 स्थानों पर मॉडल स्कूल खोले गए हैं। विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी। वहीं, अगले दो वर्षों में 20 महत्वपूर्ण स्थानों पर रोप-वे निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगामी एक वर्ष में सभी कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।


