Latehar News: जिले के मनिका थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव से 15 अगस्त से लापता छोटू कुमार की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार मोबाइल को लेकर हुए विवाद में उसके तीन दोस्तों ने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को कुमंडीह जंगल में फेंक दिया गया। करीब 40 दिन बाद पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर सोमवार को जंगल से कंकाल बरामद किया।
डीएसपी प्रदीप कुमार ने सोमवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि छोटू के अचानक लापता होने के बाद उसके पिता ने मनिका थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर जांच के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो अन्य युवकों को भी पकड़ा। तीनों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें साथ लेकर कुमंडीह जंगल पहुंची। आरोपितों की निशानदेही पर जंगल के एक हिस्से से कंकाल बरामद किया गया।
पुलिस के मुताबिक, मनिका निवासी प्रेमचंद भुइयां, शिवम भुइयां और 17 वर्षीय एक किशोर ने छोटू से उसका मोबाइल छीन लिया था। छोटू ने जब अपना मोबाइल वापस मांगा तो इसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद तीनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपित शव को जंगल में ले गए और वहां फेंक दिया। इसके बाद मामले को छिपाने की कोशिश की गई। हालांकि, पुलिस की जांच के दौरान संदिग्धों तक पहुंचने के बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ और उनकी निशानदेही पर जंगल से कंकाल बरामद कर लिया गया।
मामले में पुलिस ने प्रेमचंद भुइयां और शिवम भुइयां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, 17 वर्षीय किशोर को निरुद्ध किया गया है। बरामद कंकाल की पहचान और हत्या की परिस्थितियों की पुष्टि के लिए पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले के उद्भेदन में मनिका थाना प्रभारी विक्रांत कुमार उपाध्याय, अनुसंधानकर्ता अवनीश कुमार सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।


