Dhanbad News: लोयाबाद थाना क्षेत्र की 7 नंबर मुस्लिम बस्ती में रविवार को अचानक भू-धंसान होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। करीब एक घंटे के भीतर रुक-रुककर हुई भू-धंसान की घटनाओं में चार घर इसकी चपेट में आ गए। जमीन करीब 30 फीट की गहराई तक धंसने की बात सामने आई है। घटना के बाद प्रभावित परिवारों और आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, भू-धंसान की घटना गृह मालिक मोहम्मद आजाद, सोनू ड्राइवर और फातमा खातून के घरों के आसपास हुई। अचानक जमीन धंसने से घरों के आसपास बड़े गड्ढे बन गए। घटना के दौरान घर के साथ जमीन में समाए लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धंसान के बाद भी जमीन के अंदर हलचल महसूस हो रही है। रुक-रुककर जमीन धंसने के कारण लोगों को आशंका है कि खतरा अभी टला नहीं है। प्रभावित परिवारों के लोग अपने घरों और सामान को लेकर चिंतित हैं।
भूमिगत खनन से जमीन कमजोर होने की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि 7 नंबर मुस्लिम बस्ती का क्षेत्र बीसीसीएल एरिया-5 के शिंद्रा-बासजोड़ा कोलियरी से जुड़ा रहा है। यहां पूर्व में भूमिगत खनन और इंकलाइन संचालित होने की बात कही जा रही है। लोगों का मानना है कि पुराने भूमिगत खनन के कारण जमीन के अंदर खाली जगह बनने और मिट्टी कमजोर होने से भू-धंसान की स्थिति पैदा हुई हो सकती है।
हालांकि, भू-धंसान के वास्तविक कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर जमीन की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
खतरे वाले क्षेत्र को चिन्हित करने की मांग
घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही भू-धंसान वाले इलाके को चिन्हित कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने और संभावित खतरे वाले घरों की जांच कराने की मांग की गई है।
लगातार हो रहे भू-धंसान के कारण बस्ती के लोगों में भय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए गए तो बड़ी घटना हो सकती है। अब प्रशासनिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि जमीन धंसने की वजह क्या है और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।


